Magic Status for WhatsApp
पूरी दूनिया से चुराकर मुझे अपना बनाने वाले, कसूर क्या था मेरा जो मुझे तन्हा छोङ गऐ,,,,,
मुलाकात तो आज भी तुमसे हो जाती है ऐ जान, शुकर है की ख्वाब किसी ताले के मोहताज नहीं होते है,,,,,
हर किसी के नसीब में कहा लिखी है चाहतें, कुछ लोग तो आते है इस दुनिया में सिर्फ तन्हाइयो के लिए,,,,,
बीता हुआ कल जा रहा है उसकी याद में ही खुश हुँ, आने वाले कल का पता नही इंतजार में ही खुश हूँ ,,,,,
दिल तो बहुत करता है की तुमसे बात करूँ, लेकिन दिल की ही ज़िद है की शुरुआत तुम करो ,,,,,
यकीन था की तुम भूल जाओगे मुझे, खुशी है की तुम उम्मीद पर खरे उतरे,,,,,
मुझे आज भी उम्मीद है की तु लौट कर आयेगी, चाहे वो दिन मेरी मौत का ही क्यों ना हो,,,,,
अलविदा कहते हुए जब उनसे कोई निशानी मांगी, वो मुस्कुराते हुए बोले की जुदाई काफी नहीं है क्या,,,,,
ये करवटों के सिलसिले कभी खत्म हो न पाएंगे, तेरे बिन हम दिलजले कभी चैन नहीं पाएंगे,,,,,
तेरे इंतजार में नींद भी गुमशुदा हो गई है, अगर ख़्वाब में मुलाकात कर सको तो क्या मैं सो जाऊँ,,,,,
बिछड़ के फिर मिलेंगे यकीन था कितना, ख्वाब तो था ही लेकिन हसीन था कितना,,,,,
एक तुम ही तो थे जिसके दम पे चलती थी साँसे मेरी, लौट आओ की जिंदगी से अब वफा निभायी नहीं जाती ,,,,,
रखा करो नजदीकियां, ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं, फिर मत कहना की चले भी गए और बताया भी नहीं,,,,,
फरियाद करती है ये तरसी हुई निगाहे, देखे हुए किसी को जमाना गुजर गया ,,,,,
वो मेरा होकर भी मुझसे जुदा सा रहा, क्या कोई मुझसा भी जीत के हारा होगा,,,,,
हो सके तो मुड़ के देख लेना जाते जाते, तेरे आने के इंतजार में ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे ,,,,,
क्या गलतियां की हमने कभी नहीं बताया उन्होंने, बस प्यार घटता गया और फांसले बढ़ते गए ,,,,,
मेरा हर वो लम्हा जो तुमसे जुदा होके बितता है, उसमे मेरा जिंदा होना जैसे एक सजा होता है,,,,,
सुनो ना बहुत इंतजार करती हूँ मैं तुम्हारा, तुम सिर्फ एक कदम बढा दो बाकी के फासले मैं खुद तय कर लूँगी,,,,,
इंतज़ार किसे कहते है कोई मुझ से आकर पूछे, आँखों में आँखे डालकर कोई झूठ बोलने का हुनर कोई तुमसे सीखे,,,,,
शर्मिंदा हूँ मैं उन फूलों से, जो मेरे हाथों में ही सूख गये तेरा इंतज़ार करते करते ,,,,,
बड़ी खुश है आज मेरे बिना भी वो, जो दूर जाने के ज़िकर पे होंठो पे हाथ रख देती थी ,,,,,
बहुत रोई होगी वो खाली कागज देखकर, ख़त में उसने पुछा था की जिंदगी कैसे बीत रही है,,,,,
गुस्ताखी दिल ने कर ली तुझसे दिल लगाने की, सजा भी मिल रही उसे तेरे बिना ना जी पाने की ,,,,,
तेरी मेरी बनती नहीं पर, तेरे बिना मेरी चलती नहीं,,,,,
तन्हाई से तंग आकर हम मोहब्बत की तलाश में निकले थे, लेकिन मोहब्बत भी ऐसी मिली की और तनहा कर गयी ,,,,,
जा हमेशा के लिए मुझे छोङ के जाने वाले, तुझसे हर लम्हा बिछङने का तो डर खत्म हुआ,,,,,
कल भी हम तेरे थे और आज भी हम तेरे है, फर्क इतना है की पहले अपनापन था अब अकेलापन है,,,,,
यूँ तो हम अपने आप में गुम थे, पर सच तो ये है की वहाँ भी तुम थे,,,,,
ए रात तुम तो मोहब्बत के आगोश में सो जाया करो, हमारी तो आदत है चाँद की रखवाली करना,,,,,
चाँद भी झांकता है अब खिड़कियों से, मेरी तन्हाइयों का चर्चा अब आसमानों में है,,,,,
जिन्हे आना है वो खुद लौट आयेंगे तेरे पास ए दोस्त, बुलाने पर तो परिंदे भी गुरुर करते है अपनी उड़ान पर,,,,,
लौट आओ वो हिस्सा लेकर जो साथ ले गए थे तुम, इस रिश्ते का अधूरापन अब अच्छा नहीं लगता,,,,,
तेरे जाते ही चेहरे पे उदासी आन बैठी है, मैं जिनमें मुस्कुराता हूँ वो सब फोटो पुराने है,,,,,
सफ़र तेरे साथ बहुत छोटा था मगर, यादगार हो गयी है तू अब जिंदगीभर के लिये ,,,,,
भूल जाने की एक हद होती है, तुम उस हद के पार जा रहे हो,,,,,
एक अरसे बाद मिले तो मेरा नाम पूछ लिया उसने, 199 बिछड़ते वक्त जिसने कहा था की तुम्हारी याद बहोत आएगी,,,,,
अगर खुशी मिलती है तुझे हम से जुदा होकर, तो दुआ है खुदा से की तुझे हम कभी ना मिले,,,,,
मैंने कब तुझसे तेरे जाने की वजह पूछी है, पर मुझे छोड़ने से पहले कोई इलज़ाम तो लगा,,,,,
कुछ इस अदा से तोड़े है ताल्लुक उसने, एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ कसूर अपना,,,,,
कभी हमसे भी दो पल की मुलाकात कर लीया करो, क्या पता आज हम तरस रहे है, कल तुम ढूंढते फीरो ,,,,,
खुदा की बन्दगी शायद अधूरी रह गई, तभी तेरे मेरे दरमियाँ ये दूरी रह गई,,,,,
मंजर जिन्दगी का अजीब हो गया है आजकल, खुद को याद तक नहीं रख पाते और तुझे भुला नहीं पाते,,,,,
फांसला रख के क्या हासिल कर लिया तुमने, रहते तो आज भी तुम मेरे दिल में ही हो,,,,,
यूँ तो एक आवाज़ दूँ और बुला लूँ तुम्हे, मगर कोशिश ये है की खामोशी को भी आज़मा लूँ ज़रा,,,,,
जिस जिस ने मोहब्बत में अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए उनको जुदा कर दिया,,,,,
सबूतों की ज़रूरत पड़ रही है, यकीनन दूरियाँ अब बढ़ रही है ,,,,,
गुमशुदा से रहते है तुम बिन हम इस तरह, जैसे की चाँद खो गया हो घने बादलों के पीछे,,,,,
हद से ज्यादा बढ़ चुका है तेरा नजरंदाज करना, ऐसा सलूक भी ना करो की हम भूलने पर मजबूर हो जाये,,,,,
मैंने तुम्हारी मजबूरियां समझी और तुम्हे जाने दिया, अब तुम भी मेरी मजबूरी समझो और वापस आ जाओ ,,,,,
बिन बताऐ ना जाने क्यूँ उसने मुझसे दूरी कर ली, बिछङ कर मुझसे उसने मोहब्बत मेरी अधूरी कर दी,,,,,
कर लेते एक सौदा हम तुमसे अगर, तुम्हारी जुदाई के बदले मेरी जान मांग लेते,,,,,
मेरा दिल मुझसे कहता है की वो वापस आऐगी, मैंने दिल से कहा की उसने तुझे भी झूठ बोलना सिखा दिया,,,,,
मेरी उदासी तेरे प्यार की निशानी है पगली, हंस पड़ा तो लोग कहेंगे की प्यार ही नहीं था ,,,,,
कैसे भूलेगी वो मेरी बरसों की चाहत को, दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती ,,,,,
वो मुझे भूल ही गया होगा, इतनी मुदत कोई खफा नहीं रहता ,,,,,
फरियाद कर रही है तरसती हुई निगाहें, देखे हुए किसी को बहुत दिन गुज़र गए ,,,,,
देर ना करना ओ जान, हो सके तो वक्त पर लौट आना, 1 कहीं ऐसा ना हो की सांस की जगह सिर्फ राख ही मिले,,,,,
वही मुझको अकेला कर गयी, जो दुआ में मुझे मांगती थी कभी,,,,,
नहीं बीत रहा एक पल भी तेरे बीना, फिर कैसे बितेगी ये जिन्दगी तु ही बता ,,,,,
ख़्वाब ही ख़्वाब कब तलक देखूँ, काश तुझ को भी इक झलक देखूँ ,,,,,
सुरत नहीं देखी अरसे से तेरी बस वो आखिरी बार का, मुस्कुरा के मिलना आज भी जीने की वजह है मेरी,,,,,
तुम दूर बहुत दूर हो मुझसे ये तो जानता हूँ मैं, पर तुमसे करीब मेरे कोई नहीं ये बात तुम भी कभी न भूलना,,,,,
वो कब की भूल चुकी होगी प्यार का किस्सा ए दिल, बिछड़ कर कब किसी को किसीका ख्याल रहता है,,,,,
ऐ सवेरा तू अकेले क्यूँ आता है, कभी उसे भी साथ लेकर आ जिसका मुझे इन्तजार है,,,,,
वहीं खड़ा हूँ जहाँ पर तुम छोड़ गये थे, लोग कहते है की तुम पलट कर आओगे,,,,,
मुझे तो आज पता चला की मैं किस क़दर तनहा हूँ, पीछे जब भी मुड़ कर देखूं तो मेरा साया भी मुँह फेर लेता है,,,,,
चाँद को गुरुर है क्यूंकि उसके पास उसका नूर है, हम किस पे गुरुर करे की हमारा चाँद तो हम से दूर है,,,,,
तुम अगर लौट आओ तो मुझे ज़रा पहले बता देना, मुझे खुद को ढूंढने में कुछ वक़्त लगेगा,,,,,
कमी तेरी आज फिर मुझको खटक गयी, ज़िन्दगी आज फिर से काश पे अटक गयी ,,,,,
तू नाराज न रहा कर तुझे वास्ता है खुदा का, 163 एक तेरा ही चेहरा खुश देख कर तो हम अपना गम भुलाते है,,,,,
मुस्कुराते है लब पर आँखों में है नमीं, सब कूछ मेरे पास है बस एक तेरी है कमीं,,,,,
जिन्दगी में कोई दूसरा आ ही नहीं पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था तेरे लौट आने का,,,,,
फांसले अक्सर मोहब्बत बढ़ा देते है, पर ऐसा नहीं की मैंने मिलना छोड़ दिया ,,,,,
कुछ तो सपने देखने का हक दे दो मुझे, सारी रात करवटों में नही गुजारी जाती ,,,,,
कमाल का ताना मारा है आज जिन्दगी ने की, अगर कोई तेरा है तो वो तेरे पास क्यूँ नहीं है ,,,,,