Alone Status

Alone Status

मिलने को तो दुनिया मे कई चेहरे मिले पर तुम सी ‪#‎ मोहब्बत‬ हम खुद से भी न कर पाये.

किसीके अच्छाई का इतना भी फायदा मत उठाओ की वो बुरा बनने के लिये मजबुर बन जाये.

क्यू उस को मनाने के लिये मन्नते करू मैं मुझे उस से मौहब्बत है कोई मतलब तो नही.

अकेलापन ही मेरा सच्चा साथी है जिसने कभी मुझे छोड़ा नहीं.

भीड़ में भी तन्हाई के रंग और गहरे होते हैं.

मेरी खामोशियाँ भी बहुत कुछ कहती हैं अगर कोई सुनने वाला हो तो.

अकेलापन वो शिक्षक है जो जीवन के कठिन सबक सिखाता है.

दोस्तों की कमी नहीं पर दिल में फिर भी एक सूनापन है.

अकेले रहकर समझ आया खुद से बड़ा कोई हमसफर नहीं.

जब से तन्हाई से दोस्ती की है हर खुशी से मुलाकात हो गई है.

सितारों से भरी इस रात में अकेलापन ही मेरी बातें सुनता है.

मैंने खुद को पहचाना है अकेलेपन की इस गहराई में.

जीवन के इस मोड़ पर अकेलापन ही मेरा रहबर है.

कभी-कभी खुद को इस भीड़ में भी अकेला पाता हूँ.

दोस्तों की भीड़ में भी मेरी खामोशी मेरे साथ है.

सोचा था साथ हैं वो पर नज़र आया सिर्फ मेरा साया.

बहुत शोर है दुनिया में फिर भी कानों में एक सन्नाटा सा है.

अकेलापन कभी-कभी बेहतरीन साथी होता है लेकिन सिर्फ कभी-कभी.

उम्मीदों के शहर में मेरा दिल अकेला ही रह गया.

जब से तुम गए ये रातें भी बड़ी सुनसान लगती हैं.

दिल की गहराइयों में एक अकेलापन सा बस गया है.

मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक अकेला दिल है.

ख्वाबों की दुनिया में भी मैं अकेला ही सफर करता हूँ.

यहाँ बहुत शोर है फिर भी मेरी खामोशी अकेली है.

जब से तूने छोड़ा है मैंने भीड़ में भी अकेलापन पाया है.

दोस्तों की महफिल और लोगों की भीड़ सब है मेरे पास पर तेरी कमी कोई नहीं भर पाया है.

वक्त ने सिखाया है मुझे अकेले चलना अब खुद की साया भी मुझसे दूर जा रहा है.

खुशियाँ बिखेरने की कोशिश में मैंने अपना सुकून खो दिया अब हर पल अकेलापन साथ है.

जिसके बिना एक पल न गुज़रा आज वो मेरे साथ नहीं इस अकेलेपन में हर पल एक सदी सा है.

खुद से बातें करते करते मैं खुद से ही अनजान हो गया यह अकेलापन मुझे क्या से क्या बना दिया.

रातों की ये काली स्याही अकेलेपन की सहेली बन गई है मेरे दर्द की कहानी अब चाँद भी सुनने लगा है.

ज़िंदगी ने दिए हैं कई दोस्त पर वक्त ने सिखाया कि अकेले ही चलना है यह सफर अब मेरा अकेला है.

बीते लम्हों की यादें मेरे साये की तरह साथ चलती हैं पर इस भीड़ में भ मेरा दिल अकेला है.

रातें लंबी होती जा रही हैं मेरे साये के सिवा कोई नहीं है बात करने को.

जब आँसू पोंछने वाला कोई न तब समझ आता है अकेलापन क्या होता है.

मैंने सोचा था साथ होंगे हमेशा लेकिन अब यहाँ बस मेरी तन्हाई है.

ज़िन्दगी ने सिखाया भीड़ में भी अकेला होना कैसा होता है.

हर रोज़ भीड़ में खड़ा होकर भी क्यों महसूस करता हूँ कि मैं अकेला हूँ.

उसके जाने के बाद मेरी दुनिया में बस एक सन्नाटा है जो मेरे साथ रहता है.

कभी-कभी अकेलापन ही बताता है कि कौन सच में अपना है.

अकेले जीवन की स्थिति हिंदी में.

अकेलापन एक ऐसा शिक्षक है जो हमें जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पाठ सिखाता है.

कभी-कभी सबसे ज्यादा शोर अकेलेपन की खामोशी में ही सुनाई देता है.

अकेले होने का मतलब खो जाना नहीं बल्कि खुद को खोजना है.

जिन्होंने अकेलेपन को गले लगाया वही सच्चे दोस्त और सच्चे प्यार की कदर करना सीख जाते हैं.

अकेलापन वह स्थान है जहाँ मन की गहराई से आत्मा की आवाज़ सुनी जा सकती है.

कभी-कभी अकेलापन हमें वह शांति देता है जो भीड़ में नहीं मिलती.

जब आप अकेले होते हैं तो आप यह समझते हैं कि आपका सबसे बड़ा सहारा आप खुद हैं.

किसकी पनाह में तुझको गुज़ारे ऐ जिंदगी अब तो रास्तों ने भी कह दिया है कि घर क्यों नहीं जाते .

तोड़ दो ना वो कसम जो खाई है कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है.

जिन्हें पता होता हैं की अकेलापन क्या होता हैं ऐसे लोग दुसरो के लिए हमेशा हाज़िर रहते हैं .

साँसोका टूटजाना तो आमबात हैं जहा अपने बदलजाये मोत तो तब आती हैं.

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है आखरी सास तक तेरा इंतजार करू.

ना जाने क्या कमी है मुझमें ना जाने क्या खूबी है उसमें वो मुझे याद नहीं करती मैं उसको भूल नहीं पाता .

देख जिँदगी तू हमे रुलाना छोड दे अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देँगे.

माना की नही आता मुझे किसी का दिल जीतना मगर ये तो बताओ की यहाँ दिल है किसके पा.

हजारो बार ली हैं तलाशियाँ तुमने मेरे दिल की बताओ कभी कुछ मिला है तुम्हारे सिवा.

यह कैसी लगन तुने हम को लगा दी है…सौचा था प्यास बुझेगी तुने और बढ़ा दी है.

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले “दोस्त” वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को.

लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं मैं अरसे से ख़ामोश हूँ वो बरसों से बेख़बर है.

तुम मुझ पर लगाओ मैं तुम पर लगाता हूँ ये ज़ख्म मरहम से नही इल्ज़ामों से भर जायेंगे.

कुछ इस अदा से तोड़े हैं ताल्लुक उसने एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ कसूर अपना.

आज मुस्कुराने की हिम्मत नहीं मुझमें आज टूट कर मुझे तेरी याद आ रही है .

बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था था तो ख्वाब मगर हसीन कितना था .

जो फुर्सत मिले तो मुड़कर देख लेना मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी है .

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